Culture POPcorn
Sanjay Gupta

Exclusive Interview of Sanjay Gupta : Comics is my Life, I am Comics

Sanjay Gupta Ji (Right) Creative Head of Raj Comics with Kishan Harchandani (Left) Founder of CulturePOPcorn

हम सब का बचपन शायद इतना रंगीन और सुपर पावर्स से भरा न होता अगर Raj Comics ना होती। Raj Comics भारत की अग्रणी कॉमिक्स कंपनी है जिसने नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव, डोगा, परमाणु और भी कई एक से बढ़कर एक किरदार दिए. इन किरदारों ने 90 के दशक के बालमन पर राज किया। मेरी काफी दिली इच्छा थी Raj Comics के क्रिएटिव हेड श्री Sanjay Gupta जी से मिलने की, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से इस मुलाकात में विलम्ब होता रहा। देर आये दुरुस्त आये, आखिर वह दिन भी आ ही गया। Sanjay Gupta जी से बात करके ऐसा लगा ही नहीं कि आप इतनी बड़ी हस्ती से बात कर रहे है। एकदम हम्बल और डाउन टू अर्थ नेचर के Sanjay Gupta जी ने खुले दिल से स्वागत किया। आवभगत के बाद सवाल जवाब का सिलसिला चलता रहा, उसके के कुछ अंश यहाँ प्रस्तुत हैं।

Sanjay Gupta जी सबसे पहले तो आपका बहुत शुक्रिया अपने कीमत वक़्त से मेरे लिए समय निकालने के लिए, मैं बहुत ही आभारी हूँ.
आप तो शर्मिंदा कर रहे है, ऐसा कुछ नहीं है। आपके लिए तो वक़्त ही वक़्त है, आप जब भी आयेंगे मुझे बहुत ही ख़ुशी होगी।


आपने एक ग्रीन पेज में कहा कि Nagraj के लिए आपके जेहन में Pratap Mulick जी के अलावा कोई और आर्टिस्ट नहीं आया। जब आप प्रताप जी से मिलने पहली बार गए तो वह अनुभव कैसा था ?

हम भाई जब शायद 17 या 18 साल के रहे होंगे तब Pratap Mulick जी करीब 55 के आस पास थे, और वह उस वक़्त बहुत बड़े आर्टिस्ट थे और हमसे उम्र और तज़ुर्बे में कहीं ज़्यादा थे तो हमारे दिल में तो उनके लिए वैसे भी काफी सम्मान था जो आज भी वैसा ही है। लेकिन शायद उस वक़्त डर भी था कि उनका स्वभाव कैसा होगा लेकिन जब पूना उनके स्टूडियो में नागराज को ड्रा करने की बात के लिए गए तो पाया कि वह बहुत ही डाउन टू अर्थ और हम्बल स्वाभाव के व्यक्ति है। उनके स्टूडियो में जब दाखिल हुए तो चारो तरफ बड़ी बड़ी पेंटिंग्स लगी थी जो इतनी मनमोहक थी कि हम एकदम चमत्कृत हो गए। प्रताप जी शायद यह भांप गए और हमसे कहने लगे अगर आप लोगो को कोई पेटिंग अच्छी लग रही है तो ले जाए, और वह लगातार ज़ोर देते रहे। लेकिन हम लोग शायद आदरभाव के कारण कोई भी पेंटिंग नहीं लेकर आये, या शायद हम चुनाव ही नहीं कर पा रहे थे कि कौन सी पेंटिंग ज़्यादा अच्छी है क्योंकि सभी एक से बढ़कर एक थी।

 


LEGEND OF PRATAP MULICK : GODFATHER OF INDIAN COMICS INDUSTRY


 

Pratap Mulick जी के बारे में कई लोग कहते है उनको लाइव ड्रा करते देखना एक गज़ब का अनुभव था, Sanjay Gupta जी क्या आपने भी यह अनुभव किया?
जी बिलकुल और यह एकदम सही बात भी है। हम लोग एक बार पुणे में उनके स्टूडियो गए थे, तब वे Nagraj aur Super Commando Dhruva के कवर आर्टवर्क पर काम कर रहे थे और हम लोग एकटक होकर उनकी कूंची का जादू देख रहे थे। उनको लाइव ड्रा करते देखना अपने आपमें एक लार्जर देन लाइफ मेमोरी है जो आज भी मेरे जेहन में एकदम ताज़ा है। दरअसल आप जो भी नागराज के Pratap Mulick जी के द्वारा ड्रा किये मनमोहक विज्ञापन देखते है वह उनके बाएं हाथ का खेल था, वे उन्हें महज़ चंद मिनट्स में ही बना देते थे।

उस वक़्त कम्प्यूटर, ईमेल वगैरह नहीं थे, और ना ही टेक्नोलॉजी इतनी विकसित थी। आप लोग दिल्ली में थे और मुलिक स्टूडियो पुणे में, तो आर्टवर्क और कम्युनिकेशन कैसे होता था?
उस वक़्त सारा काम सरकारी रजिस्टर्ड पार्सल से होता था जो बहुत ही जोखिम भरा और समय लेने वाला काम था। हम यहाँ से स्क्रिप्ट वगैरह मुलिक स्टूडियो भेजते थे और फिर वह से आर्टवर्क वापस आता था। इस पूरे काम में करीब एक महीने या उससे भी ज़्यादा का समय जाता था। सुधार की गुंजाइश काफी काम होती थी क्योंकि सुधार करना मतलब और 1 महीने का इन्तज़ार। सबसे बड़ा जोखिम तो ओरिजिनल आर्टवर्क के गुम होने, चोरी होने या डैमेज होने का होता था क्योंकि सरकारी डाक की हालत उस वक़्त काफी ज़्यादा खराब थी और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली तो आप जानते ही है।

 

Sanjay Gupta Interview Raj Comics

Different Comics Covers of Nagraj by Pratap Mulick Ji

 

आपने हाल ही में Raj Comics की Mobile App लांच की है, उसका प्रतिसाद कैसा है ?
हम काफी लम्बे समय से Raj Comics की Mobile App के बारे में सोच रहे थे लेकिन हर बार अनेक कारणों से यह विलम्ब होता जा रहा था, लेकिन अब हमने Mobile App Android Platform पर लाइव कर दी है और इसका प्रतिसाद बेहद उत्साहजनक है। फैन्स और पाठको ने इसे लाखो की तादाद में इनस्टॉल किया है। हमारा उद्देश्य राज कॉमिक्स के सभी कॉमिक्स के अलावा अन्य बंद हो चुके पब्लिशर्स के भी कॉमिक्स इस एप्लीकेशन पर उपलब्ध करवाना है। हमने तुलसी, मनोज, नूतन इत्यादि से टाई-अप कर लिया है और आगामी समय में इनके भी सभी कॉमिक्स एप्प पर मिलेंगे।

Raj Comics Android Mobile App

Raj Comics Mobile App, available on Google Play Store

 

Sanjay Gupta जी, कुछ लोगो का कहना है कि Raj Comics सभी दूसरी कॉमिक्स कंपनी के अधिकार लेकर भारतीय कॉमिक्स जगत में अपनी मोनोपॉली स्थापित करना चाहता है ?
देखिये ऐसा कुछ नहीं है। आप खुद ही सोचिये जो कॉमिक्स आपको पायरेसी में काफी घटिया क्वालिटी में पढ़नी पड़ती थी, या फिर कालाबाज़ारियों से रद्दी जैसी कॉमिक्स, फैन्स 2 से 3 हज़ार तक में खरीदते थे अब वह उन्हें काफी काम रेट पर और बढ़िया क्वालिटी में पढ़ने को मिलेगी। हमारा प्रयास भारतीय कॉमिक्स जगत ही भूली बिसरी यादों को एक जगह, एक प्लेटफार्म पर संजोना है। जो लोग मोनोपोली वाली बात करते है उन्हें शायद पता भी नहीं कि दूसरी कंपनी की कॉमिक्स को अपने प्लेटफार्म में उपलब्ध करवाने में कितने लोगो की मेहनत होती है। कुछ लोगो के बोलने से कोई फर्क नहीं पड़ता, ख़ास बात यह है कि ज़्यादा तादात उन लोगों की है जिन्होंने खुले दिल से इस एप्लीकेशन का स्वागत किया है और वही लोग ही हमारे प्रेरणा स्त्रोत है।

कॉमिक्स पायरेसी के खिलाफ भी आपने जंग छेड़ी हुई है, कुछ लोगो ने इसका भी विरोध किया है ?
सबसे पहली बात तो पायरेसी किसी की भी हो, वह गैरकानूनी है तो इसे सही तो ठहरा ही नहीं सकते। रहा सवाल विरोध का तो ऐसे कामो में दिक्कतें तो आती हैं। Manoj Comics, Tulsi Comics, Nutan Comics इत्यादि से सम्बंधित किरदारों या कथाओं पर अब हमारा कानूनन हक़ है और जो भी कानून का उल्लंघन करेगा, जाहिर सी बात है वह गलत है। कुछ लोगो ने कॉमिक्स स्कैन करके अपने साइट्स पर डाल रखी है और कई लोगो ने तो हमें प्रस्ताव दिया कि हम उनसे वह स्कैन्ड पीडीऍफ़ कॉमिक्स खरीदें तब वह अपनी साइट्स ने उन्हें हटाएंगे। किशन जी आप ही सोचिये यह तो वही बात हो गयी कि एक चोर ने आपके घर से आपका सामान चुराया और फिर आपको बोलता है कि आप उससे वह सामान खरीदें। इससे भी मज़े की बात यह है कि वह उस चोरी को अपनी मेहनत का नाम देता है. देर सवेर यह सब लोग अपने आप शांत हो जायेंगे ।

Sanjay Gupta CulturePOPcorn

Left to Right: Mr.Manoj Gupta, Mr. Manish Gupta And Sanjay Gupta

 

आप तीन भाई इस कंपनी के अलग अलग विभाग देखते हैं, तो क्या Sanjay Gupta को कभी क्रिएटिव नज़रिये से दूसरे विभाग से दिक्कत आयी या ऐसा कोई वाकिया जो आपको याद हो?
वैसे तो हम तीनो भाइयों में गज़ब का सामंजस्य है और ऐसे कोई परेशानी कभी हुयी है और ना ही होगी। लेकिन एक मज़ेदार किस्सा मैं आपको बताता हूँ। दरअसल शुरूआती दिनों में मैं सोचता था कि कॉमिक्स के साथ हम और क्या दे सकते हैं तो मेरे दिमाग में स्टीकर का आईडिया आया, लेकिन बाकियों ने कहा कि यह नहीं चलेगा, भला कोई 1.50  रूपए का स्टीकर क्यों खरीदेगा? लेकिन मेरे दिमाग में था कि यह एक बार तो करके देखना है। उस वक़्त गूगल, इंटरनेट नहीं था और कोई भी चीज़ इतनी जल्द और आसानी से नहीं मिल पाती थी, उसपर कॉमिक्स का मार्केट भी भारत में बिलकुल नया था। काफी दिन भटकने के बात मैंने एक PVC शीट पर एक आदमी से स्क्रीन प्रिंट करके कुछ 100 स्टीकर बनवाये। उनका रिस्पांस अच्छा रहा और आईडिया चल निकला। उसके बाद से मेरा हर आईडिया साकार हो जाता। मैं कुछ कहता तो सब मान जाते। एक और किस्सा Nagraj के फेस मास्क का है, जिसमे भी काफी दिक्कतें आयी थी और सब जगह से हारकर हमने फिर अपने दरीबा ऑफिस में ही उस फेस मास्क को बनाया। उस वक़्त आलम यह था कि पूरा ऑफिस Nagraj के चेहरों से भर गया था. हमने रिलीज़ के पहले ही दिन करीब 1 लाख फेस मास्क चाहिए थे तो युद्ध स्तर पर काम हुआ था. बहुत ही यादगार अनुभव था.

 


PRATISHODH KI JWALA : BORN OF SUPER COMMANDO DHRUVA


 

Sanjay Gupta जी, भारतीय कॉमिक्स का क्या भविष्य आप देखते हैं ?
देखिये हम लोग तो पूरी ताक़त से इसको बचाये रखने में जुटे है, इसका मुख्य कारण हमारे फैन्स ही हैं. राज कॉमिक्स के एक फैन बलराम जी हैं जिनकी उम्र करीब 55 साल है. उम्र में वे मुझसे भी ज़्यादा है लेकिन उनकी कॉमिक्स दीवानगी देखते ही बनती है. ऐसे लोगो से ही हमें शक्ति मिलती है. आपका CulturePOPcorn भी भारतीय कॉमिक्स जगत को बचाने की दिशा में काफी अच्छा काम कर रहा है. नित नए पब्लिकेशन भी आ रहे है. बस ऐसे ही लोग जुड़ते रहे तो मुझे लगता है भारतीय कॉमिक्स जगत फिर से अपनी बुलंदियों पर पहुंच जाएगा, ईश्वर से यही दुआ है.

इसके बाद मैंने Sanjay Gupta जी का ज़्यादा वक़्त न लेते हुए उनसे विदा ली. जाते जाते उह्नोने मुझे और मेरे मित्र को कुछ टी शर्ट्स और नागराज का एक सिल्वर टेक्सचर प्रिंटिंग का पोस्टर उपहार स्वरुप दिया। मेरे सबसे सुखद 3 घंटो का समापन हुआ और इसके साथ ही इस शानदार इंटरव्यू का भी.

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